Monday, April 15

समाजवादी पार्टी की तीसरी लिस्ट जारी, नगीना से मनोज और मेरठ लोकसभा सीट से भानु प्रताप सिंह को दिया टिकट

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मेरठ 16 मार्च (प्र)। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशियों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पार्टी ने वेस्ट यूपी की 3 सीटों पर अपने पत्ते खोले हैं। रालोद से अलग हुई सपा वेस्ट यूपी में फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने छह और प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। सपा ने बिजनौर लोकसभा सीट पर यशवीर सिंह और नगीना लोकसभा सीट पर पूर्व अपर जिला जज मनोज कुमार को टिकट दिया है। उधर, मेरठ लोकसभा सीट के लिए एडवोकेट भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है।

बता दें कि सपा ने मेरठ में दलित कार्ड खेला है। भानु प्रताप सिंह ने ईवीएम बदलने की मांग जोर-शोर से उठाई थी। वे मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं और फिलहाल दिल्ली में रहते हैं। पेशे से वकील हैं। उन्हें सपा में आपसी खींचतान का फायदा मिला है।

सपा ने बिजनौर से पूर्व सांसद यशवीर सिंह को मैदान में उतारा है। वर्ष 2009 में वे नगीना लोकसभा सीट से सपा के सांसद रह चुके हैं। नगीना से पूर्व जज मनोज कुमार को टिकट दिया गया है। अलीगढ़ से सपा ने तीन बार के विधायक व पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह पर भरोसा जताया है। चर्चित जाट चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले बिजेंद्र 2004 में कांग्रेस से यहां के सांसद बने थे। इगलास से तीन बार विधायक रह चुके ब्रिजेंद्र वर्ष 2020 में कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुए थे। मेरठ लोकसभा सीट पर अखिलेश ने पुराने चेहरों को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया है। दलित बिरादरी से आने वाले भानु प्रताप चुनावों में ईवीएम हटाओ अभियान चलाया था। पार्टी ने हाथरस से जसवीर वाल्मीकि और लालगंज से दो बार के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज को टिकट दिया है। दरोगा 1998 व 2004 में इसी सीट से सांसद रह चुके हैं।

बताया गया कि मेरठ से शाहिद मंजूर, रफीक अंसारी, अतुल प्रधान और योगेश वर्मा टिकट के लिए जोर आजमाइश कर रहे थे। इसका फायदा भानु प्रताप सिंह को मिला।इस तरह से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ‘अनजान’ चेहरे पर कैसे दांव लगा दिया? यह बात समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं के भी गले से नीचे नहीं उतर रही है। वास्तव में मेरठ लोकसभा सीट को लेकर सपा की इस बार बड़ी मजबूत दावेदारी मानी जा रही थी, लेकिन सपा ने पैराशूट प्रत्याशी उतार कर भाजपा के लिए तमाम रास्ते खोल दिए हैं।

भानु प्रताप सिंह के पिता पदम सिंह, रिटायर्ड एडीजे दिल्ली रह चुके है। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ राजनीति में सक्रिय रहे और चुनाव भी लड़ा। भानु प्रताप सिंह ने बुलंदशहर प्राइमरी स्कूल से आठवीं, बुलंदशहर जीआईसी से स्कूलिंग, मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ कॉलेज से 1993 में लॉ की पढ़ाई पूरी की है। अब वो सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट है। मूलरूप से बुलंदशहर से ताल्लुक रखने वाले भानु प्रताप सिंह इन दिनों राजेंद्र नगर साहिबाबाद में रहते हैं।

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