मवाना 09 जनवरी (प्र)। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. भानु प्रताप सिंह कल्याणी समेत दो सदस्यीय दल गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवाना पहुंचा। वहां चिकित्सकों से कई सवाल पूछे हाथ सैनिटाइज क्यों करते हैं, कितनी प्रतिशत मात्रा एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर उपयोग करना चाहिए, बैंडेज स्टरलाइजेशन क्यों करते हैं आदि सवाल किए। इनमें से कुछ का जवाब चिकित्सक नहीं दे सके। वहीं, साफ- सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं परखते हुए दवाओं का स्टाक भी जांचा। उधर, टीम ने रोगियों के साथ तीमारदारों से भी सुविधाओं की जानकारी ली। निदेशक चार घंटे से अधिक समय तक केंद्र पर रहे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के निदेशक डा. भानु प्रताप सिंह कल्याणी व कायाकल्प के जिला अस्पताल के मैनेजर अभिषेक वालिया गुरुवार को सीएचसी पहुंचे और सालाना असेसमेंट के तहत निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर और वार्ड का निरीक्षण करते हुए वेंटीलेटर, खिड़की व दरवाजों की जांच की। कंबल, गद्दे आदि की व्यवस्था की जानकारी ली। वार्ड का तापमान जैसी व्यवस्था भी देखी। सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. अरुण कुमार को निर्देश दिए कि खाली स्थान का उपयोग अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाने में करें। टीम महिला चिकित्सालय के वार्ड में पहुंची और प्रसूति वार्ड का निरीक्षण किया। डा. कल्याणी ने महिला चिकित्सक डा. नेहा से गर्भवती महिलाओं के प्रसव व आपरेशन में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी ली। यहां टीम करीब 30 मिनट तक रही।
इसके बाद टीम बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल शर्मा के कक्ष और वार्ड में पहुंची, जहां भर्ती बच्चों व स्वजन से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। कई दवाओं का स्टाक खत्म मिला। तत्काल जिला मुख्यालय स्तर पर डिमांड लेटर भेजने को कहा। जेनरेटर ने स्टार्ट होने में स्टाफ को छकाया निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रखे जेनरेटर को चालू करने के प्रयास किए गए, लेकिन कर्मचारियों को काफी समय लगा। हालांकि वह स्टार्ट हुआ, लेकिन मशक्कत के बाद हुआ। डा. कल्याणी ने पूछा कि बिजली चले जाने पर क्या इसे नहीं चलाते। इसपर भी चिकित्सा प्रभारी ने जवाब दिया, लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए।
स्वास्थ्य विभाग निदेशक वीपीएस कल्याणी का कहना है कि सीएचसी में व्यवस्था कुछ हद तक सही मिली, लेकिन इसे और सही करने की जरूरत है। जिसके लिए चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है।
