मेरठ 13 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। मेरठ में सोनू कश्यप की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी ने कमिश्नरी पार्क में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार को 1 करोड़ मुवावजे और पीड़ित परिवार में किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा रहने के लिए आवास की माँग करती है तथा निष्पक्ष जांच व पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो।
प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी, विजयपाल कश्यप, मोनू कश्यप (मृतक का भाई) सलोनी कश्यप (मृतक की भाभी), प्रवीण कश्यप, डा0 मोहसीन नेत्रपाल कौल, गौरव गुर्जर, अजय अधाना, गौरव गिरी, तुलसीराम यादव, बॉबी सैन, फैजान अंसारी, फैजल खान सुभाष यादव, अज्जु पंडित अशोक कुशवाहा, खेमचंद जाटव, अनुज प्रजापति, मजहर, राशिद, हरिओम कश्यप आदि मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेरठ में सोनू कश्यप की हत्या के विरोध में हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानून व्यवस्था का पुतला फूंका। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को टांग-टांगकर बस में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को नियंत्रित किया। हंगामा बढ़ने से पहले पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सोनू कश्यप की हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जीतू कश्यप ने कहा- मेरठ में सोनू कश्यप की हत्या करने वाले आरोपियों के खिलाफ शासन के दबाव में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। नाबालिग आरोपी को बालसुधार गृह भेज दिया गया है जबकि तीन-चार आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। सोनू कश्यप के भाई ने भी कहा है कि उसकी अपनी जान का खतरा है। जब बांग्लादेश में कोई हिंदू जलाया जाता है तो हमारे मुख्यमंत्री सदन बोलते हैं लेकिन जब यही घटना उत्तर प्रदेश में होती है तो वह मौन हो जाते हैं। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कानून व्यवस्था का पुतला फूंका है।
