Saturday, March 7

तीन दिन बाद टैक्स न चुकाने वाले वाहन होंगे सीज

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मेरठ 07 मार्च (प्र)। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले बकाया वाहन कर की वसूली के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेशभर में हजारों करोड़ रुपये के बकाया को देखते हुए मेरठ जिले में 10 से 16 मार्च तक सात दिवसीय सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सड़कों पर विशेष चेकिंग होगी। टैक्स नहीं जमा करने वाले वाहनों पर चालान से लेकर सीज तक की कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ अनीता सिंह ने बताया कि शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है। फरवरी तक 12,664.40 करोड़ रुपये के क्रमिक लक्ष्य के मुकाबले 11,190.82 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है, जो लक्ष्य का लगभग 88.36 प्रतिशत है। ऐसे में शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग ने प्रवर्तन अभियान तेज करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में बड़ी संख्या में वाहनों पर कर बकाया है। करीब 10 वर्ष तक की आयु के 5,77, 488 वाहनों पर लगभग 1,358.72 करोड़ रुपये का कर बकाया है। वहीं, प्रदेश में कुल 8, 21, 218 वाहनों पर करीब 3,732.54 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया बताया गया है। आरटीओ के अनुसार, अभियान शुरू होने से पहले स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियन, मंडलीय ट्रांसपोर्ट यूनियन और फ्लीट ओनर्स के साथ बैठक कर उन्हें बकाया कर जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रवर्तन दल सड़कों पर विशेष चेकिंग करेंगे और बकाया कर वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

कार्रवाई से बचना है तो जमा करें बकाया वाहन कर
आरटीओ ने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे समय रहते अपना बकाया कर जमा करा दें, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। अभियान के बाद प्रत्येक जनपद से चालान, निरुद्ध वाहनों और वसूली गई कर राशि की रिपोर्ट तैयार कर 18 मार्च तक परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी।

ई-रिक्शा चालकों को राहत, अब मेरठ आरटीओ में ही होगी फिटनेस

अब ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहनों की फिटनेस कराने के लिए बिजनौर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा मेरठ आरटीओ कार्यालय में ही ई-रिक्शा की फिटनेस जांच की सुविधा शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे हजारों चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, अभी तक ई-रिक्शा की फिटनेस के लिए चालकों को बिजनौर स्थित सेंटर जाना पड़ता था। दूरी अधिक होने के कारण समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। कई बार रिक्शा को वहां तक ले जाना भी चालकों के लिए मुश्किल साबित होता था। इसी समस्या को लेकर चालकों की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही थी कि मेरठ में ही फिटनेस की व्यवस्था की जाए।

आरटीओ अनीता सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों से लगातार शिकायतें और सुझाव मिल रहे थे। इसके बाद विभाग ने निर्णय लिया है कि अब ई-रिक्शा की फिटनेस जांच मेरठ आरटीओ कार्यालय में ही कराई जाएगी। इससे चालकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अन्य वाहनों के ” लिए मेरठ के रोहटा रोड पर नया फिटनेस सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि, इसका संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। इस सेंटर को शुरू करने की अंतिम मंजूरी और समय सीमा केंद्र सरकार की ओर से तय की जाएगी। सेंटर शुरू होने के बाद विभाग की ओर से वाहनों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया और भी व्यवस्थित हो जाएगी।

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