मेरठ, 10 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू)। जिले में निराश्रित श्वानों से प्रभावित विद्यालयों को अब दो सप्ताह में चिह्नित किया जाएगा। शासन के आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह निर्देश सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्यों को जारी किए हैं।
उन्होंने एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने के लिए कहा है। उक्त नोडल अधिकारी विद्यालय परिसर के समुचित रख-रखाव एवं सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होगा। उक्त नोडल अधिकारी का विवरण विद्यालय के गेट व सूचना पटट पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इसकी सूचना संबंधित स्थानीय निकाय व प्राधिकारी को भी दी जाएगी। विद्यालय परिसर में किसी को निराश्रित श्वानों के काटने पर नोडल अधिकारी द्वारा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र व अस्पताल से समन्वय स्थापित कर एंटी रेबीज दवाओं की उपलब्धता एवं पीड़ित के समुचित उपचार की शीघ्र व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने इन निर्देशों पर कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट भी मांगी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने जारी निर्देश में कहा है कि संबंधित स्थानीय निकायों व प्राधिकारियों के माध्यम से दो सप्ताह में निराश्रित श्वानों से प्रभावित विद्यालयों की पहचान कर कार्यवाही पूरी की जाए। अधिकतम आठ सप्ताह में यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि उनके विद्यालय परिसर की चहारदीवारी एवं गेट आदि पर निराश्रित श्वानों के प्रवेश एवं आश्रय से पूर्णत सुरक्षित है।
प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि आवारा कुत्तों से प्रभावित स्कूलों को दो सप्ताह में किया जाएगा चिह्नित
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