मेरठ 17 जनवरी (प्र)। शुक्रवार को मेरठ कमिश्नरी पर धरना-प्रदर्शन करने वाले कश्यप समाज के लोगों दस नामजद समेत 50 लोगों के खिलाफ पुलिस ने सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि धारा 163 निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद धरना-प्रदर्शन कर लोकसेवा के कार्य में बाधा डालने और भड़काऊ नारेबाजी करने पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने अजय मेहरा, फिरोजाबाद के निषाद उर्फ नारायण सिंह, मैनपुरी के मनीष कुमार, उमाशंकर कश्यप, राजपाल, प्रभाकर कश्यप, मुजफ्फरनगर के देवेंद्र कश्यप, पानीपत के राहुल, हरियाणा के आकाश, बरेली के नेमसिंह को नामजद किया है। पुलिस ने वीडियोग्राफी भी कराई है। इसके आधार पर अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर निवासी रोहित उर्फ सोनू कश्यप की पांच जनवरी की रात मेरठ के सलावा क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद सोनू के शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया गया। पुलिस ने शव बरामद होने के बाद 24 घंटे में मृतक की पहचान और घटना का खुलासा करते हुए हत्यारोपी किशोर की गिरफ्तारी की। सोनू हत्याकांड को लेकर परिजन और समाज के लोगों ने आरोप लगाया घटना में कई आरोपी थे और पुलिस इन्हें बचा रही है। मांगों को लेकर कश्यप समाज के लोगों ने शुक्रवार दोपहर कमिश्नरी पार्क में पंचायत का ऐलान किया था।
इंस्पेक्टर सौरभ शुक्ला की ओर से अवैध रूप से हुई पंचायत को लेकर सिविल लाइन थाने में बीएनएस की धारा 189(2), 221, 223, 192, 121(1) यानी गैरकानूनी सभा, लोकसेवक के कार्य में बाधा डालने, लोकसेवक को चोट पहुंचाने, लोकसेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा, दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाने की धारा में मुकदमा किया गया है। मुकदमे में 10 लोगों को नामजद और 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि सरधना के कपसाड़ कांड और ज्वालागढ़ के पास युवक की हत्या के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की गई थी। किसी भी सभा या भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नरी पार्क में हुई पंचायत को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है।
