मेरठ 30 जनवरी (प्र)। भारत के प्रमुख निजी बैंकों में से एक एचडीएफसी बैंक ने आज नैसकॉम फाउंडेशन के सहयोग से अपने सीएसआर कार्यक्रम ‘परिवर्तन’ के तहत वर्तमान प्लाजा , गढ़ रोड , मेरठ, उत्तर प्रदेश में ‘परिवर्तन स्किलिंग सेंटर’ शुरू करने की घोषणा की।
इस पहल पर बात करते हुए एचडीएफसी बैंक की सीएसआर प्रमुख नुसरत पठान ने कहा, “परिवर्तन के जरिए हमारा उद्देश्य स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। हम ट्रेनिंग को इंडस्ट्री की जरूरतों और प्लेसमेंट सपोर्ट से जोड़कर यह सुनिश्चित करते हैं, खासकर उभरते बाजारों में युवाओं के लिए।”
यह स्किलिंग सेंटर जरूरतमंद वर्ग के 1,950 युवाओं को प्रशिक्षण देगा। यह प्रोजेक्ट ‘नैसकॉम फाउंडेशन स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी इनिशिएटिव’ के तहत संचालित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए कौशल विकास और स्थायी रोजगार के बीच मजबूत कड़ी बनाना है।
इस सेंटर को दीर्घकालिक और स्वावलंबी मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। इसका संचालन, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के बाद ट्रैकिंग का कार्य नैसकॉम फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। यह सेंटर डिजिटल और आईटी सक्षम सेवाओं पर फोकस करते हुए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और कार्यस्थल का वास्तविक अनुभव प्रदान करेगा।
तीन वर्षों से अधिक की अवधि में इस पहल का लक्ष्य 1,950 युवाओं को प्रशिक्षित करना है, जिनमें कम से कम 60% महिलाएं होंगी। प्रशिक्षित युवाओं में से कम से कम 70% को डेटा एंट्री ऑपरेटर, रिटेल सेल्स एसोसिएट और फ्रंट ऑफिस असिस्टेंट जैसे एंट्री लेवल पदों पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट के अंत तक लगभग 1,365 प्रतिभागियों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे युवाओं को स्थिर आय, कार्य अनुभव और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार का अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी कौशल के साथ डिजिटल साक्षरता और आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स जैसे संचार कौशल, ग्राहक व्यवहार, कार्यालय शिष्टाचार और आत्मविश्वास विकास शामिल होगा। रोजगार मिलने के बाद भी प्रतिभागियों को मेंटरिंग और ट्रैकिंग सहायता दी जाएगी।
नैसकॉम फाउंडेशन की सीईओ ज्योति शर्मा ने कहा, “जरूरतमंद वर्ग के युवाओं को अक्सर डिजिटल कौशल और कॉर्पोरेट वातावरण के अनुभव की कमी के कारण रोजगार पाने में कठिनाई होती है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के साथ मिलकर हमारा लक्ष्य ऐसा स्किल डेवलपमेंट मॉडल तैयार करना है जो तकनीकी प्रशिक्षण को रोजगार सहायता और पोस्ट-प्लेसमेंट सपोर्ट से जोड़ता हो।”
शिक्षा केंद्र के रूप में मेरठ की पहचान और आसपास के टियर-2 और टियर-3 शहरों की जरूरतों को देखते हुए यह सेंटर स्थापित किया गया है। प्रारंभिक प्रशिक्षण में बेसिक कंप्यूटर संचालन, टाइपिंग, ईमेल और प्रोडक्टिविटी टूल्स सिखाए जाएंगे, जिसके बाद जॉब रोल आधारित एडवांस प्रशिक्षण दिया जाएगा।
