Tuesday, February 10

नई सड़कों व आबादी के आसपास बढ़ाए जाएंगे सर्किल रेट, देना होगा अधिक स्टांप

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मेरठ 07 फरवरी (प्र)। अगस्त माह में जनपद में बढ़े सर्किल रेट लागू हुए थे। अब आइजी निबंधन ने विभिन्न सड़कों और आबादी से 200 मीटर की त्रिज्या में स्थित कृषि भूमि के खसरा नंबरों का नए सिरे से सर्वे कर उन्हें सर्किल रेट की सूची में शामिल करने का आदेश दिया है। नई सड़कों और हाईवे का निर्माण हो रहा है। ऐसी चिह्नित भूमि पर निबंधन विभाग को 20 से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त स्टांप शुल्क मिलता है। मेरठ में भी कई हाईवे को जोड़ने वाली रिंग रोड और गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई नई सड़कों का निर्माण हो रहा है। डीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदार को यह जिम्मा सौंपा गया है।

स्टॉप एक्ट के मुताबिक लिंक मार्ग, जिला मार्ग और राज्य- राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित औद्योगिक भूमि के सर्किल रेट अलग से तय होते हैं। आबादी बढ़ने के साथ अतिरिक्त स्टांप शुल्क देने वाले क्षेत्रों की सीमा भी बढ़ जाती है। मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है। कई हाईवे को जोड़ने वाली रिंग रोड का दौराला से हापुड़ रोड तक निर्माण चल रहा है। मेरठ शहर से निकलने वाली सड़कों, कस्बों तथा गांवों में भी नई कालोनियां बन रही हैं। व्यावसायिक और औद्योगिक निर्माण हो रहे हैं। सर्वे में आबादी की 200 मीटर त्रिज्या में शामिल कृषि भूमि के खसरा नंबर भी बड़ी संख्या में मिलेंगे।

इन विदुओं पर होगा सर्वे
हाईवे आवासीय, व्यावसायिक और जिला मार्ग तथा लिंक मार्ग से सटे खसरा नंबर नव विकसित आबादी क्षेत्र से 200 मीटर की त्रिज्या में स्थित खसरा नंबर। ऐसे खसरा नंबर जो न तो किसी मार्ग पर हैं न ही उनके 200 मीटर दूर तक कोई आबादी अथवा निर्माण है।

एआइजी निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस का कहना है कि शहर और कस्बे तेजी से बढ़ रहे हैं। अतिरिक्त स्टांप शुल्क की सूची में नए खसरा संख्या शामिल होने से विभाग की स्टांप शुल्क की वसूली बढ़ेगी। तहसीलों के राजस्व अधिकारी स्थान चिह्नित करते हैं और निबंधन विभाग उन्हें सर्किल रेट सूची में शामिल करके अतिरिक्त स्टांप शुल्क की वसूली सुनिश्चित करता है।

अतिरिक्त स्टांप शुल्क का नियम
20 प्रतिशत लिंक मार्ग स्थित कृषि भूमि
30 प्रतिशत जिला मार्ग स्थित कृषि भूमि
50 प्रतिशत राज्य और राष्ट्रीय मार्ग स्थित कृषि भूमि
30 प्रतिशत आबादी से 200 मीटर की त्रिज्या में स्थित कृषि भूमि

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