मेरठ 25 अगस्त (प्र)। शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए इनर रिंग रोड व आउटर रिंग रोड निर्माण मेडा के अफसरों ने किसानों की जमीन का सौदा करना शुरू कर दिया है। मेडा ने अभी तक फिलहाल 153 किसानों से जमीन खरीदने की बात की है। आसपास के किसान भी अपनी जमीन देने के लिए तैयार है। मेडा के अफसरों का कहना है कि इनर रिंग रोड व आउटर रिंग रोड परियोजनाओं से मेरठ के लोगों को काफी फायदा होगा। मेड़ा के उपाध्यक्ष संजय मीणा का कहना है कि किसान अपनी जमीन देने को तैयार है। कई किसानों से वार्ता भी चल रही है।
पिछली बोर्ड बैठक में निर्णय हुआ कि हापुड़ रोड हाईवे से जुर्रानपुर फाटक, दिल्ली रोड, वेदव्यासपुरी होते हुए दून बाईपास तक रिंग रोड बनाने के लिए लगभग 15 हेक्टेयर जमीन पांच गांवों से खरीदी जाएगी। जमीन की कीमत निर्धारित करने के लिए डीएम डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में समिति गठित हुई थी। समिति के निर्णयों को स्वीकृति दे दी है। इसमें तय हुआ कि जुनिपुर और गूमी गांव को ग्रामीण क्षेत्र में रखा जाएगा इसलिए इन गांवों में सर्किल रेट की चार गुणा कीमत दी जाएगी। वहीं, बुढ़ेडा जाहिदपुर, पूठा और रिठानी गांव को नगरीय क्षेत्र में रखा जाएगा, इसलिए वहां पर दो गुणा कीमत दी जाएगी। इसको लेकर मेडा के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की। इसके साथ अब तक 153 किसानों से मेडा के अफसरों ने जमीन खरीदने की बात कर ली है।
ये इनर रिंग रोड बनने का उद्देश्य
शहर में बढ़ते यातायात की समस्या को कम करना और विभिन्न राजमार्गों को आपस में जोड़ना।
प्रस्तावित इनर रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 34.19 किलोमीटर है।
मेरठ विकास प्राधिकरण अब खुद जमीन खरीदने का फैसला किया है। पहले भूमि अधिग्रहण में समस्या आ रही थी।
इस 5.7 किलोमीटर के खंड के लिए जमीन का सौदा शुरू।
इस खंड के बनने से हापुड़ बुलंदशहर हाईवे दिल्ली रोड और दून हाईवे से सीधे जुड़ सकेगा।
पहले चरण में प्राधिकरण की वेदव्यासपुरी योजना से दिल्ली रोड (1.20 किमी) और दूसरे चरण में दिल्ली रोड शताब्दीनगर योजना से हापुड़ रोड (4.50 किमी) तक निर्माण प्रस्तावित है।
इनर रिंग रोड पर दो फ्लाईओवर और दो आरओबी भी बनाए जाएंगे। प्राधिकरण 45 मीटर के स्थान पर वर्तमान में 24 मीटर चौड़े मार्ग का निर्माण करेगा और 10.50 मीटर जमीन हाईवे के लिए आरक्षित करेगा। इस प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा।
आउटर रिंग रोड
शहर के बाहरी इलाके से यातायात को सुगम बनाना, जिससे शहर के अंदर जाम कम हो सके।
यह मेरठ के चारों ओर एक बाईपास के रूप में काम करेगा और हापुड़, बुलंदशहर, बागपत जैसे क्षेत्रों से कनेक्टिविटी में सुधार करेगा।
आउटर रिंग रोड पर भी काम चल रहा है।
हापुड़ से गढ़ रोड को जोड़ने वाले खंड पर काम तेजी से चल रहा है और काली नदी पर पुल का निर्माण भी प्रगति पर है।