Friday, August 29

हम सबके हित में है पीएम का फैसला! युवाओं की उन्नति देश के विकास और एकता को मजबूत करने हेतु 2029 तक हो एक साथ चुनाव

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पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 2019 में लौहपुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण करते हुए घोषित की गई योजना वन नेशन वन इलेक्शन विजन को साकार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा बीते सोमवार को लखनउ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक देश एक चुनाव अभियान के तहत सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के राज्यस्तरीय सम्मेलन में कहा कि विधानसभाओं के कार्यकाल को समायोजित कर एक साथ चुनाव कराए जाएं। बताते चलें कि एक प्रकार से पैसे और समय की फिजूलखर्ची को रोकने के दृष्टिकोण से मैं हमेशा पीएम के विचारों का समर्थक रहा हूं क्योंकि बच्चा बच्चा जानता है कि जब देश में बार बार चुनाव होते हैं तो जो अस्थिरता हंगामा पैसे और समय की बर्बादी होती है अगर विधानसभा लोकसभा के चुनाव एक साथ होने लगे तो बार बार इन पर खर्च होने वाला 3.5 से 4.5 लाख करोड़ का जो धन पुलिस प्रशासन का जो समय इसमें लगता है उसे देश के विकास मजबूती और आम आदमी के उत्थान में खर्च कर नागरिकों की समस्याओं का समाधान और टैक्स बढ़ने की संभावनाओं में कमी लाई जा सकती है।
स्मरण रहे कि आजादी के बाद 1952 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते थे। फिर पता नहीं क्या कारण हुआ कि यह प्रथा टूट गई और चुनाव अलग अलग होने लगे। स्मरण रहे कि 1980 के दशक में भी यह मुददा उठा था। जो भी हो देश में जो बार बार चुनाव होने और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मेरा मानना है कि लोकसभा विधानसभ के नहीं ग्राम प्रधान से लेकर नगर पालिका और जिला पंचायत के चुनाव एक साथ होने चाहिए। आवश्यकतानुसार सबके बेलेट पेपर अलग अलग हो सकते हैं। सही गलत क्या है यह सोचना निर्वाचन आयोग का काम है लेकिन मैं प्रधानमंत्री के इस फैसले और यूपी के सीएम के कथन से सहमत हूं और 2034 तक देश में एक साथ चुनाव की संभावनाएं है लेकिन मुझे लगता है कि अभी यूपी में दो साल विधानसभा और चार साल लोकसभा चुनाव में बाकी है। देश के विकास को ध्यान में रख 2029 तक चाहे यूपी विधानसभा का कार्यकाल दो साल बढ़ाया जाए या लोकसभा का कार्यकाल घटाया जाए लेकिन 2034 से पहले ही एक देश एक चुनाव की व्यवस्था लागू होती है तो युवाओं को जो पैसे की बचत होगी उसे शिक्षा स्वास्थ्य आसानी से उपलब्ध करा सकते हैं।
(प्रस्तुतिः रवि कुमार बिश्नोई दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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